सीखने के परिवेश के सृजन के लिए हम विद्यालय के भीतर और बाहर पर्याप्त संसाधन की व्यवस्था करेंगे | बच्चों को स्वयं सीखने का अवसर प्रदान करेंगे | बच्चों की रुचियों के अनुसार उन्हें वातावरण प्रदान करेंगे ताकि उनकी सीखने की प्रक्रिया बाधित न हो | बच्चे स्वयं करके सीखना ज्यादा पसंद करते है ऐसे में शिक्षक को उन पर पूरी नज़र रखनी चाहिए | बच्चों को सीखने के लिए तैयार करने से पूर्व कहानी या गीत के माध्यम से उनमें ललक पैदा करनी चाहिए जब तक बच्चे सीखने के लिए तैयार न हो तब तक उन्हें सीखाना नहीं चाहिए | कक्षा कक्ष में ऐसी परिस्थिति पैदा करने चाहिए ताकि बच्चे के मन में सीखने की प्रेरणा जागृत हो | अन्नू तिवारी बाल भारती पब्लिक स्कूल बृज विहार गाज़ियाबाद
इन बिंदुओं पर ध्यानपूर्वक विचार करें - पालक शिक्षक संघ की बैठक कितनी अवधि में की जाती है ? अभिभावकों से किस तरह की चर्चा की जाती है ? यह कैसे पता लगाएं कि अभिभावक , विद्यालय और शिक्षक - शिक्षिकाओं की किस प्रकार प्रभावी मदद कर सकते हैं। क् या आपने अभिभावकों की चिंताओं तथा उनके निराकरण के उपायों के बारे में सोचा है ? इन समस्याओं तथा निराकरण के उपायों के बारे में गंभीरता से चिंतन करके अपने विचार साझा करें।
आकलन के ऐसे कौन-से प्रकार हैं जिन्हें आप बुनियादी अवस्था में बच्चों के साथ प्रयोग कर सकते हैं? आकलन के प्रकारों की सूची बनाएं - विशेष रूप से लिखित परीक्षा से भिन्न आकलन के प्रकार सोचें। अपने विचार साझा करें।
सीखने के परिवेश का सृजन करने के लिए
ReplyDeleteprovide them sufficient material, space and time
ReplyDeleteबच्चों के लिए सीखने के परिवेश का निर्माण करें बच्चों को स्वेच्छा से सीखने दें उनकी रुचियो के अनुसार उनमें मौलिक ज्ञान का विकास होने दें
ReplyDeleteसीखने के परिवेश का सृजन- देखो और कहो ,चित्र वर्णन ,नाटकीय मंचन ,चित्र बनाओ ,चित्र पहचानो ,वर्गीकरण ,संवाद ,कठपुतली आदि |
ReplyDeleteबच्चों की रुचियों के अनुसार उनमें मौलिक ज्ञान का विकास होने दें
ReplyDeleteसीखने के परिवेश का निर्माण कर बच्चों को स्वयं सीखने के अवसर देकर उनका विकास होने दें
ReplyDeleteप्रत्यक्ष उदाहरण देकर सीखने के परिवेश का सृजन किया जा सकता है।
ReplyDeleteसीखने के परिवेश के सृजन के लिए हम विद्यालय के भीतर और बाहर पर्याप्त संसाधन की व्यवस्था करेंगे | बच्चों को स्वयं सीखने का अवसर प्रदान करेंगे | बच्चों की रुचियों के अनुसार उन्हें वातावरण प्रदान करेंगे ताकि उनकी सीखने की प्रक्रिया बाधित न हो | बच्चे स्वयं करके सीखना ज्यादा पसंद करते है ऐसे में शिक्षक को उन पर पूरी नज़र रखनी चाहिए |
ReplyDeleteबच्चों को सीखने के लिए तैयार करने से पूर्व कहानी या गीत के माध्यम से उनमें ललक पैदा करनी चाहिए जब तक बच्चे सीखने के लिए तैयार न हो तब तक उन्हें सीखाना नहीं चाहिए | कक्षा कक्ष में ऐसी परिस्थिति पैदा करने चाहिए ताकि बच्चे के मन में सीखने की प्रेरणा जागृत हो |
अन्नू तिवारी
बाल भारती पब्लिक स्कूल
बृज विहार
गाज़ियाबाद
प्रत्यक्ष उदाहरण देकर बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करना।
ReplyDeleteबच्चों को स्वयं सीखने के अवसर देना चाहिए।
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